कर्जा कैसे उतारें, कैसा भी कर्जा हो, ऋण मोचन मंगल स्तोत्र का करें पाठ

कर्जा कैसे उतारें, कैसा भी कर्जा हो, ऋण मोचन मंगल स्तोत्र का करें पाठ

कर्ज…! एक ऐसा दानव है जो अगर किसी को एक बार लग जाता है तो जल्दी से पीछा नहीं छोडता है। लगातार आपको कर्ज घेरे रहता है। जमीन से जुडा कोई भी मामला हो जाता है तो हम उसमें एक तरह से फंस जाते हैं और कोई उपाय नहीं सूझता है। यदि आपको कोर्ट कचहरी या शरीर से जुडी कोई भी बीमारी इस पाठ से ठीक हो सकती है। मंगल ग्रह को अगर मनुष्य अपनी कुंडली में ठीक कर देता है तो उसकी अनेक परेशानियों का समाधान हो सकता है। वेद मंत्रों में वो शक्तियां हैं जो आपको कहीं भी नहीं मिलेंगी। अगर मंगल स्तोत्र का पाठ आप लगातार करते हैं तो आपको अनेक समस्याओं का समाधान मिल जाएगा, बशर्तें आप नियमों पर खरे उतरें। कई मनुष्य इस पाठ को करते हैं लेकिन बीच में ही जाना छोड देते हैं जिससे पाठ पूरी तरह से इफैक्ट नहीं डाल पाता है जिससे उनका कर्जा कम नहीं होता।

क्या है मंगल स्तोत्र
मंगल स्तोत्र मंगल ग्रह को ठीक करने के लिए बनाया गया है। आपका मंगल ग्रह नीच का है तो आपको काफी परेशानियों का सामना करना पडेगा। अगर उंच का है तो भी आप इसका पाठ कर सकते हैं। इसका पाठ करने के पुराने से पुराना कर्ज उतरने के चंास बढ जाते हैं क्योंकि यह मंगल स्तोत्र कर्जे की चीजों पर ज्यादा इफैक्ट डालता है।

कोर्ट कचहरी में जीत न मिल रही हो
आपका केस कोर्ट में चल रहा है, आप सच्चे इंसान हैं और झूठ के खिलाफ लड रहे हैं तो आपको यह कोर्ट में जीत दिलवा सकता है। इसका पाठ अत्यंत लाभदायी है और घर या मंदिर में इसका पाठ अवश्य करना चाहिए।


बीमारियों ने घेर रखा हो
अगर आपको बीमारियों ने घेर रखा हो, खून में किसी प्रकार की दिक्कत हो या शरीर में किसी भी प्रकार की परेशानी हो तो भी आप इसका पाठ अवश्य करें। यह शरीर में हडिडयों के रोगों को भी दूर करने का काम करता है।


जमीन से जुडा मामला हल होगा
अगर आपका कोई घर नहीं है, जमीनी मामले में किसी भी प्रकार की समस्या आ रही है तो आप इसका पाठ अवश्य करें।


गुप्त धन का स्वामी और मांगलिक दोष में कमी
यह मंगल स्तोत्र गुप्त धन व सहित मांगलिक दोषों का भी स्वामी है। अगर आपको कहीं से गुप्त धन मिलना हो और आपका ध्यान उस तरफ ना हो तो आप इसका पाठ अवश्य करें। आप इस पाठ का निरंतर जाप करते रहें। इसके पाठ से कोई नुकसान नहीं है अपितु लाभ ही है।


कब करें इसका पाठ
किसी भी शुक्ल पक्ष के मंगलवार को आप इसका पाठ करें। पाठ सांय को करें तो अच्छा रहता है। हनुमान जी के मंदिर में इसका पाठ करें और शिवलिंग के पास यदि बैठकर इसका पाठ किया जाए तो काफी अच्छा माना जाता है। भगवान शिव के सामने आसन लगाकर इसका पाठ करें।


कैसे करें इसका पाठ
सबसे पहले हनुमान मंदिर जाऐं और हनुमान जी को प्रणाम करें। फिर शिवलिंग के पास जाएं और लाल आसन लगाएं। मिटटी का दीया साथ में रखें और उसमें देसी घी का दीपक जलाएं। बाती लाल रंग की हो। फिर धूप लगाएं और शिवलिंग पर लाल दाल और लाल गुड चढाएं और इसको चढाते वक्त आप ओम ऋणमुक्तेश्वर महादेवाय नमः का जाप करें। पूजा पाठ से पहले गणेश भगवान का नाम अवश्य ले लें। शिवलिंग में सभी देवताओं के चरण स्पर्श करके और राम का 21 बार जाप करके इस पाठ को शुरू करें। पाठ अच्छे से करें, कई बार शब्द उलट हो जाते हैं तो फिर दिक्कत हो जाती है क्योंकि शब्दों का अर्थ बदल जाता है, ऐसा ना होने दें।


कितनी बार करें पाठ
आप ऋणमोचन मंगल स्त्रोत का पाठ 5 बार करें क्योंकि ज्यादा बार करने से आपको समय लग जाएगा, इसलिए 5 बार ही काफी है। यह आप पर भी निर्भर करता है आप कितना समय दे पाते हैं अगर आप ज्यादा समय देना चाहें तो 11 या 21 बार भी इस पाठ को कर सकते हैं।

-ऋणमोचन मंगल स्त्रोत्र-

मंगलो भूमिपुत्रश्च ऋणहर्ता धनप्रदः
स्थिरासनों महाकयः सर्वकर्मविरोधकः

लोहितो लोहिताक्षश्च सामगानां कृपाकरः
धरात्मजः कुजो भौमो भूतिदो भूमिनन्दनः
 
अङ्गारको यमश्चैव सर्वरोगापहारकः 
व्रुष्टेः कर्ताऽपहर्ता च सर्वकामफलप्रदः
 
एतानि कुजनामनि नित्यं यः श्रद्धया पठेत 
ऋणं न जायते तस्य धनं शीघ्रमवाप्नुयात

धरणीगर्भसम्भूतं विद्युत्कान्तिसमप्रभम
कुमारं शक्तिहस्तं च मङ्गलं प्रणमाम्यहम

स्तोत्रमङ्गारकस्यैतत्पठनीयं सदा नृभिः
न तेषां भौमजा पीडा स्वल्पाऽपि भवति क्वचित

अङ्गारक महाभाग भगवन्भक्तवत्सल 
त्वां नमामि ममाशेषमृणमाशु विनाशय

ऋणरोगादिदारिद्रयं ये चान्ये ह्यपमृत्यवः 
भयक्लेशमनस्तापा नश्यन्तु मम सर्वदा

अतिवक्त्र दुरारार्ध्य भोगमुक्त जितात्मनः
तुष्टो ददासि साम्राज्यं रुश्टो हरसि तत्ख्शणात

विरिंचिशक्रविष्णूनां मनुष्याणां तु का कथा
तेन त्वं सर्वसत्त्वेन ग्रहराजो महाबलः
 
पुत्रान्देहि धनं देहि त्वामस्मि शरणं गतः 
ऋणदारिद्रयदुःखेन शत्रूणां च भयात्ततः

एभिर्द्वादशभिः श्लोकैर्यः स्तौति च धरासुतम
महतिं श्रियमाप्नोति ह्यपरो धनदो युवा

-इति श्री ऋणमोचक मङ्गलस्तोत्रम् सम्पूर्ण-


जरूरी बात
देखिए, बिना मेहनत के कुछ भी नहीं हो सकता है। आपको मेहनत तो करनी पडेगी लेकिन इस पाठ से आपको यह फायदा मिलेगा कि भगवान हनुमान या मंगल देव स्वंय आपको रास्ता दिखाएगें जहां से आप अपना कर्जा उतार सकते हो। आपने इस वेबसाईट से यह सभी जानकारी तो ले ली लेकिन इस पर खरा भी उतरना है क्योंकि इसका निरतंर पाठ करना है। आप पहले पंडित जी से अपनी कुंडली चेक करवा लें और उनसें परामर्श लें लें फिर इसका पाठ करें। यह कतई नहीं होना चाहिए कि आपने पाठ बीच में ही छोड दिया। भगवान मनुष्य को पूजा के समय अन्य कामों में उलझा देते हैं, वे भक्तों की परीक्षा लेते हैं। इसलिए आप पाठ को कतई ना छोडें। कोई भी पाठ हो उसको कतई ना छोडें। जब आपका कर्ज उतर जाए और निरंतर पाठ करने की बजाय मंगलवार के दिन इसका पाठ करें।


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