नाॅर्थ कोरिया, कई अफवाहें झूठी, जानिए कैसा है वहां का माहौल

नाॅर्थ कोरिया, कई अफवाहें झूठी, जानिए कैसा है वहां का माहौल

नाॅर्थ कोरिया…! तानाशाह किम जोन उन का वह देश जहां से कोई भी जानकारी आप उस देश से बाहर नहीं ला सकते। इस देश के बारे में कई ऐसे मिथ हैं जिन्हें हम सुनते आ रहे हैं लेकिन वास्तव में ऐसा कुछ नही है। नाॅर्थ कोरिया कैसे बना, किसने बसाया यह सब जानकारी आज आपको हमारे इस आर्टिकल में सरल तरीके से पता चल जाएगी। हम जो इसके बारे में अभी तक सुनते आ रहे हैं क्या वह सही है या गलत। आज हम आपको बताएगें कि वहां पर क्या असलियत है और क्या झूठ है।

नाॅर्थ कोरिया

 

जापान का कब्जा और आत्मसमर्पण
1910 में कोरिया साम्राज्य पर जापान ने कब्जा किया हुआ था। जब 1945 में द्वितीय विश्व युद्ध हुआ तक अंत में जापान ने आत्मसमर्पण कर दिया। जापान के आत्मसमर्पण के बाद कोरिया को संयुक्त राज्य और सोवियत संघ द्वारा दो क्षेत्रों में विभावित किया गया। इसके उतरी भाग पर सोवियत संघ तथा दक्षिण क्षेत्र पर अमेरिका द्वारा कब्जा कर लिया गया। इन दोनों को एक करने की बात हुई लेकिन यह सफल नहीं हुई और दोनों देश अलग-अलग हो गए। 1948 में दोनों देशों ने अपनी-अपनी सरकारे बना लीं।

 


दक्षिण कोरिया और उत्तर कोरिया
उत्तर और दक्षिण कोरिया जब अलग-अलग हो गए थे तो दक्षिण कोरिया में पूंजीवादी दक्षिणी कोरिया सरकार बनी। वहीं उत्तर कोरिया में सोशलिस्ट डेमोक्रेटिक पीपुल रिपब्लिक आफ कोरिया की सरकार बनी।

 

उत्तर कोरिया मतलब डीपीआरके
उत्तर कोरिया को डेमोक्रेटिक पिपुल्स रिपलिब्क आफ कोरिया भी कहते हैं। इसका शाॅर्ट मतलब डीपीआरके है। इस देश का नेतृत्व किम इल सुंग ने किया था। फिर किम जोंग इल ने किया जो किम इल सुंग के बेटे थे। इसके बाद किम जोन उन इस पर राज कर रहे हैं।

 


प्योंगयोंग
उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयोंग है जो उत्तर कोरिया का सबसे बडा शहर है।

 


लोग बाहर जा सकते हैं
उत्तर कोरिया को लेकर एक अवधाराणा यह भी है कि वहां के लोग कहीं बाहर नहीं जा सकते लेकिन ऐसा नहीं है। वहां के लोग बाहर जा सकते हैं।

 


उत्तर कोरिया जाने का रास्ता
अगर आप उत्तर कोरिया जाना चाहते हैं तो आपसे सीधा वहां नहीं जाया जाएगा। उत्तर कोरिया जाने के लिए चीन के बीजिंग शहर से फलाईट है जो करीब 2 घंटे में उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयोंग आपको छोड देगी। इसके अलावा चीन के डंडग शहर से प्योंगयोंग के लिए रेल चलती है जो 6 घंटे में आपको प्योंयोंग उतार देगी।

नाॅर्थ कोरिया

 

आप स्वंय उत्तर कोरिया नहीं जा सकते
उत्तर कोरिया में आप स्वंय नहीं जा सकते हैं। आपको उत्तर कोरिया सरकार की सिफारिश वाली टूर कंपनियों के जरिए ही अपना टूर पैकेज बुक करवाना पडता है।

 

इमीग्रेशन प्रोसेस
अगर आप उत्तर कोरिया जा रहे हैं तो इसका इमीग्रेशन प्रोसस बहुत सरल और सिंपल होता है। आपसे पूछा जाता है कि आपके पास कितने फोन हैं, कितने कैमरा हैं यानि सारी चीजें रिकार्ड दर्ज कर फिर आपको जाने दिया जाएगा।

 

मात्र 1.25 लाख में घूम आएंगें उत्तर कोरिया
चीन से उत्तर कोरिया में 5 दिन के टूर पैकेज की कीमत करीब सवा लाख रूप्ए होती है। समय के हिसाब से यह कीमत बढती ओर घटती रहती है।

 

टूरिस्ट नहीं कर सकते करेंसी का इस्तेमाल
अनेक देशों की तरह आप उत्तर कोरिया में वहां की करेंसी वाॅन इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। आप वहां पर चाईना की यूरो या यूएसडी करेंसी ही इस्तेमाल कर सकते हैं।

 

कोरियाई गाइड साथ होना जरूरी
अगर आप किसी होटल में रूके हैं और आपको बाहर जाना है तो आप अपने स्तर पर बाहर नहीं जा सकते हैं। आपके साथ एक कोरियन गाइड होना बहुत जरूरी है।

 

जूचे केलेंडर
यहां पर जूचे केलेंडर 1997 में अस्त्तिव में आया। जूचे केलेंडर के हिसाब से यहां पर 108वां साल चल रहा है। इसके अलावा यहां पर इंटरनेशनल केलेंडर भी चल रहा है। इस हिसाब से यहां पर वर्ष 2020 भी चल रहा है।

 

डीएमजेड (डिमिलिट्राइजड जोन)
उत्तर कोरिया ओर दक्षिण कोरिया के बाॅर्डर पर डीएमजेड यानि डिमिलिट्राइजड जोन एक ऐसी जगह है जहां पर आर्मी और पुलिस को हथियार लाने की अनुमति नही है। दो देशों के बीच आपसी मुददो को सुलझाने के लिए बात यहीं पर होती है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और किम जोन उन इसी जगह पर मिले थे। यह जगह काफी खूबसूरत बताई जाती है।

नाॅर्थ कोरिया

 

ऐसी फोटो लेना मना
आप उत्तर कोरिया में कंस्ट्रक्शन और पुलिस की फोटो नहीं ले सकते। यहां यह गैर कानूनी है और इसके लिए आपको दंडित किया जा सकता है। लेकिन डीएमजेड में आप आर्मी के साथ फोटो ले सकते हो।

 

आप किसी से बात कर सकते हैं
उत्तर कोरिया के बारे में यह भी कहा जाता है कि आप किसी से बात नहीं कर सकते लेकिन ऐसा नहीं है। आप वहां किसी से भी बात कर सकते हैं।

 

इंडियनस की होती है तारीफ
उत्तर कोरिया में इंडियन लोगों की तारीफ होती है क्योंकि उत्तर कोरिया में इंडियन लोगों को काफी स्मार्ट मानते हैं। कोरियाई लोग स्वंय इंडियन से बात कर सकते हैं।

 

जींस नहीं पहन सकते
यह बात तो सच है कि आप यहां पर जींस नहीं पहन सकते। जींस का कल्चर यहां पर फोलो नहीं किया जाता और सरकार की तरफ से सख्त आदेश भी हैं। यहां पर महिलाएं पेंट पहन सकती हैं। जींस केवल टूरिस्ट ही पहन सकते हैं।

 

बिलिडंगों पर रंग और फोटो
यहां पर यह भी लोगों में गलत अवधारणा बनी है कि उत्तर कोरिया में ग्रे रंग हर बिल्डिंग पर होना चाहिए और नेताओं की फोटो भी होनी चाहिए लेकिन यहां ऐसा नही है। यहां पर सरकारी बिल्डिंगों को छोडकर सभी रंगों में घर या बिल्डिंग देखी जा सकती है। नेताओं की फोटो सरकारी बिल्डिंग पर होना जरूरी है लेकिन आमजनता के नहीं।

 


सभी सरकारी आवास में रहते हैं
उत्तर कोरिया के लोग सरकारी आवास में रहते हैं। सरकार द्वारा हीं उनको मकान दिया जाता है। वहां के लोग बिजली, पानी व मेंनटेंनस का खर्चा ही देते हैं जो नाम मात्र ही आता हैं।

 


सरकारी आदमी के पास गाडी
यह बात सच है कि यहां पर हर किसी के पास गाडी नहीं है। यहां पर सिर्फ सरकारी आदमी के पास ही गाडी है लेकिन सरकार किसी सेलिब्रिटी या खिलाडी को अपनी तरफ से कार भी गिफट करती है।

 

 

सोशल एप्लीकेशन नही है
वहां पर लोग सिर्फ सर्च इंजन से कुछ भी सर्च कर सकते हैं। उनके पास फेसबुक, व्हाटसएप सहित अन्य कोई भी सोशल एप्लीकेशन नहीं हैं।

 

Mangyongdae Children’s Palace

यहां पर बच्चों को कक्षा के बाद अलग कोचिंग दी जाती है जिसमें बच्चों को म्यूजिक, पढाई, कम्पयूटर, स्पोटर्स, भाषा व तैराकी सिखाई जाती है। यह पेलेस 2 मई 1989 को बना था।

नाॅर्थ कोरिया

 

भारतीय फिल्में भी लगती हैं
उत्तर कोरिया में भारतीय फिल्मों का भी दबदबा है। यहां पर बाहुबली, बाॅडीगार्ड व बजरंगी भाईजान जैसी फिल्में भी प्रदर्शित हुई थी जो इंडियनस के लिए काफी गर्व की बात है।

 

टूरिस्ट के लिए मेडिकल सुविधा मंहगी
यहां पर टूरिस्ट के लिए मेडिकल सुविधा काफी मंहगी है। सिर्फ सरकारी कर्मचारियों के लिए सस्ती है। यहां पर टूरिस्ट को अपना हेल्थ इंश्योरेंस करवाकर आना चाहिए।

 

1st of May Stadium
यह स्टेडियम दुनिया का सबसे बडा स्टेडियम बताया जाता है। कहते हैं यहां पर करीब डेढ लाख लोग एक साथ बैठ सकते हैं।

 

कूपन से सैलरी मिलती है
उत्तर कोरियाई देश को ज्यादा अमीर नहीं बताया जाता है। यहां पर सरकारी कर्मचारियों को कई बार कूपन से सैलरी मिलती है। यहां के लोग अपने देश को अमीर मानते हैं।

 

अपने देश की इज्जत रखते हैं लोग
यहां के लोग अपने देश की इज्जत रखते हैं। जब उनसे पूछा जाता है कि वे बाहर क्यों घूमने नही जाते तो वे कहते हैं कि हमारा देश काफी सुंदर है हमें बाहर जाने की जरूरत नहीं है लेकिन असल में यह गरीब देश भी बताया जाता है।

 


पांचवी सबसे बडी सेना
उत्तर कोरिया की सेना विश्व में पांचवी सबसे बडी सेना है। पहले चीन, भारत, यूएसए और रूस के बाद उत्तर कोरिया का नम्बर आता है।

 

लव मेरिज कर सकते हैं
यह पर लडका व लडकी लव मेरिज कर सकते हैं। दोनों के परिवारों को एक साथ रहना जरूरी होता है ओर शादी का खर्च भी बराबर बांटा जाता है।

नाॅर्थ कोरिया

 

109 वाॅन 1 रूप्या
अगर उत्तर कोरिया के 109 वाॅन मिला दें तब भारत का एक रूप्या यहां बनता है।

 

Grand People’s Study House

यहां पर पब्लिक लाईब्रेरी है। बताया जाता है कि यहां पर लाखों किताबें, कप्यूटरर्स रखे हुए हैं। कम्प्यूटर टीचरों को यहां पर काफी सम्मान दिया जाता है। चीन और दक्षिण कोरिया से भी यहां पर कम्प्यूटर शिक्षक बच्चों को शिक्षा देने आते हैं।

 

पुराने जमाने की मैट्रो
यहां पर मेट्रो की सर्विस काफी फास्ट है। हर 3 मिनट में यहां पर मेट्रों की सर्विस है। यहां पर पुराने जमाने की टाईप की मैट्रों हैं। लेकिन मैट्रो स्टेशन काफी साफ सूथरें हैं।

 

धूम्रपान कर सकते हो
यहां पर यह भी बताया जाता है कि धूम्रपान नहीं कर सकते लेकिन ऐसा नही है। यहां पर धूम्रपान कर सकते हैं। यहां पर लोग धूम्रपान करते हैं लेकिन सिगरेट का कश यहां पर फैंका नहीं जाता है। यहां पर हर कोई अपनी स्ट्रे रखता है।

 

नेशनल फूड
यहां का नेशनल फूड कोल्ड नूडल्स और किमची है। किमची बंद गोभी के आचार जैसा व्यंजन है।

 

स्टेच्यू को नमस्कार करना
यहां पर यह सही है कि लोगों को किम इल सुंग और किम जोंग इल के स्टेच्यू पर नमस्कार करना जरूर होता है। यहां इन दोनों नेताओं को काफी सम्मान दिया जाता है।

 

एक चेनल ऐसा भी
यहां पर एक चेनल ऐसा भी है कि यहां पर किम जोन उन की सारी गतिविधियां चलती रहती हैं। मतलब सरकार का गुणगान इस चेनल पर हर वक्त किया जाता है।

 

कोई टाईमजोन नहीं
इनका अपना कोई टाईम जोन नही है। यह ग्रीनवीच टाईम के अनुसार चलते हैं। ग्रीनवीच टाईम भारतीय समय सेे साढे 3 घंटे आगे चलता है।

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तम्बाकू और गांजा
यहां पर आपको कहीं भी तम्बाकू और गांजा नहीं मिलेगा। इस देश का कंट्री कोड +850 है।

 

सिर्फ कोरियाई सीम चलेगी
यहां पर आपको अगर इंटरनेट चलाना है और सिम इस्तेमाल करनी है तो आपको कोरियो लिंग कंपनी की सिम लेनी पडेगी जिसकी कीमत भारतीय रूप्यों के हिसाब से 20000 हजार रूपए की होगी।

 

सुसाईड के मामले में 68वां देश
उत्तर कोरिया देश सुसाईड के मामले में 68वां देश है जबकि इसी के साथ लगता दक्षिण कोरिया सुसाईड के मामले में 10वां देश है।

 

मार्च से मई और सितम्बर से नवबंर तक
आप यहां पर मार्च से र्मइी और सितम्बर से नवबंर तक आ सकते हैं। इस समय यहां आना काफी अच्छा है लेकिन लोग अप्रैल माह में आते हैं।

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