रोग प्रतिरोधक क्षमता कितनी महत्वपूर्ण है, जानिए कैसे वायरस खत्म करती है

रोग प्रतिरोधक क्षमता कितनी महत्वपूर्ण है, जानिए कैसे वायरस का खात्मा करती है

रीर का इम्यूनिटी सिस्टम जिसे रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कहते हैं। इसका शरीर में होना कितना जरूरी है आज हम आपको बताएगें। अमूमन लोगों का इम्यून सिस्टम काफी खराब होता है जिस वजह से वे बीमारी से जीत नहीं पाते और बीमार ही रहते हैं। अच्छे खानपान के चलते कई लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता इतनी मजबूत होती है कि कोई भी बीमारी उन्हें छू भी नहीं सकती है। जिस व्यक्ति का इम्यून सिस्टम खराब होता है उन्हें समय-समय पर अपने शरीर का ध्यान रखना चाहिए। हमारें शरीर के आस-पास कई बैक्टेरिया और वायरस घात लगाए बैठे होते हैं और आसानी से शरीर में पहंुच जाते हैं। प्रकृति की सुदंर रचानात्मक चीजों में मानव शरीर ही एक शानदार रचना है। इस शरीर को जानने के लिए काफी रिचर्स की जाती हैं। आईए जानते हैं रोग प्रतिरोधक क्षमता कितनी महत्वपूर्ण है और कैसे वायरस का खात्मा करती है। हमारे द्वारा शुद्ध हिंदी में आपके लिए यह आर्टिकल लिखा गया है ताकि आपको यह आसानी से समझ आ सके।

रोग प्रतिरोधक क्षमता


आपका शरीर आम नहीं है
अगर आप अपने शरीर को नाॅमर्ल ओर आम मानते हो तो यह आपकी भूल है। आपके शरीर में पूरी मिल्ट्री जोन है। आपके शरीर में गार्ड, सोल्जर, इंटेलिजेंसी टीम, बेकअप टीम और वेपन फैक्ट्री, कम्यूनिकेशन टीम शामिल है। यह आपके शरीर को रोगों से लडने को बचाती है।


घात लगाए बैठे रहते हैं बाहरी एजेंट
हमारे शरीर के आस-पास अन्य जीवों के बैक्टीरिया घात लगाए बैठे रहते हैं। आपका शरीर का दर्द करना, सिर का दर्द करना या हाथ पैर दर्द करना ऐसे नहीं हो जाता। आपके शरीर में वे सभी जीव प्रवेश कर जाते हैं और आपके शरीर को खराब करते हैं। आपके शरीर के बाहर वायरस, भंगी और बैक्टीरिया काफी होते हैं जो शरीर के अंदर आने की कोशिश करते हैं मगर जिस व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है उनमें यह वायरस आसानी से नहीं आ पाते हैं।

रोग प्रतिरोधक क्षमता


आपको पता चलता रहता है आपका शरीर प्रोटेक्ट है
जिस तरह आप अपने मोबाइल और कम्प्यूटर में वायरस डलवाते हो उसी तरह रोग प्रतिरोधक क्षमता आपके शरीर में मौजूद होती है। वह आपके शरीर को प्रोटेक्ट करती रहती है। जब एक मच्छर आपको काटता है तो जो लाल रंग का लम्प होता है, अगर वह लम्प हो गया तो समझ लेना आपका शरीर प्रोटेक्ट है अगर नहीं हुआ तो समझों आपको अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढाने की जरूरत है।


एक सूईं से हो जाती आपकी मौत
अगर आपके शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता ना होती तो जब आपको एक सूईं चुभती तभी आपकी मौत हो जाती।


शरीर का पहरेदार ल्यूकोसाइट्स
ल्यूकोसाईटस नामक खिलाडी आपके खून में घूमता रहता है। जिस तरह एक पहरेदार रात को घूमता है ठीक उसी तरह यह भी आपके खून में घूमता रहता है और यह देखता है कि कोई बाहरी एंजेट आपके शरीर में घूस तो नहीं गया। आपके 1 माईक्रोलीटर खून में कम से कम 11 हजार ल्यूकोसाईटस की सेना होती है जो पहरा देती हैं। अगर उसे कोई वायरस मिल जाता है तो वह कम्यूनिकेटर सैल्स को बोलता है कि वह हेड आफिस में इन्फोर्म कर दो। इसका पता चलते ही आपका इम्यून सिस्टम एक्टिव हो जाता है।

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इम्यून सिस्टम में हर रेंक की आर्मी होती है
जब आपके शरीर में कोई बाहरी एंजेट घूस जाता है तो इम्यून सिस्टम उससे लडने के लिए आर्मी को भेजती है। इम्यून सिस्टम में हर रेंक की सेना होती है। यह सेना हर तरह के बाहरी एंजेट को मारने की क्षमता रखती है।


वायरस कैसे आता है आपके अंदर
अब बात आती है वायरस आपके शरीर के अंदर कैसे आता है। जब आप किसी दुकान के पास खडे हों और कोई आपके पास छींक दे तो उसका वायरस आपके शरीर में आ जाता है और वह फेफडों में चला जाता है। वह कोशिका के अंदर जाने की कोशिश करता है और अपना स्वंय का डीएनए इन्जेंक्ट करता है।


अरबों कोशिका हैं आपके शरीर में
आपका शरीर पहले भी बताया कि कोई आम रचना नहीं हैं इस शरीर में अरबों सैल्स मौजूद हैं। साईटिंस्ट के हिसाब से शरीर में 37.2 ट्रिलियन कोशिकाएं हैं और हर एक सैल्स में एक ऐसा काॅम्लीकेटिड सिस्टम बना हुआ है जो आप सोच भी नहीं सकते हो। तो आपके शरीर का हर एक सैल मैम्बरेंस से घिरा हुआ है। जिस पर हर तरह का सिक्योरिटी मेजर्स रहता है जोकि सेल्स के अंदर मौजूद चीजों को प्रोटेक्ट करता है और सेल मैम्बरेंस के थ्रू बहुत कुछ आ भी सकता है और जा भी सकता है। जैसे पानी को अंदर आने देता है और कार्बनडाईओक्साईड को बाहर जाने देता है ओर वायरस को अंदर नहीं देता है। वहां पर एक परोपर सिस्टम बना हुआ है। सैल मैम्बरेंस के नियम हैं। जो आपके शरीर में वायरस आया है वो छुप या किसी चीज के अंदर जाकर आया है। जब कोई वायरस कोशिका के अंदर आता है तो कोशिका को पता चल जाता है कि कोई घुसपेठिया बोर्डर क्राॅस करके आ गया है। उसी समय बहुत सारे स्पेशल इन्जाईंस आते हैं जोकि वायरस को काट कर मार देते हैं। फिर वो एक पीस को उपर दिखाकर पडोसी कोशिकाओं को चेतावनी देते हैं।

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वायरस बाउंड एन्टीबोडिज का अहम रोल होता है
जैसा कि बताया कि हर कोशिका के अंदर न्यूक्लियस सिस्टम होता है। वहां से वायरस बांउड एन्टीबोडिज बनती है। आपके हर सेल के अंदर न्यूक्लियस मौजूद होता है और उसमें आपका डीएनए मौजूद होता है। डीएनए एक किताब की तरह होता है और उसमें सारा कुछ लिखा होता है। क्या काम करना है और क्या नहीं करना है यह सारा कार्य सैल के लिए गाईड बुक का काम करता है। उस किताब रूपी जानकारी में सेल के लिए यह भी बताया गया है कि अगर कोई वायरस शरीर में घूस जाए तो क्या करना चाहिए।


कैसे बनता है वायरस बाउंड एंटीबोडिज
वायरस को खत्म करने के लिए जैसा कि पहले बताया है कि वायरस बाउंड एंटीबोडिज का अहम रोल होता है। आपके शरीर का एक एन्जाईम न्यूक्लियस सिस्टम के अंदर जाता है और किताब को पढता है ओर वायरस बाउंड एंटीबोडिज को कैसे बनाएं, उस डेटा को प्रिंट कर देता है उस प्रिंट को मैसेजर आरएनए कहते हैं और इस पेज में यह लिखा होता है कि वायरस बाउंड एंटीबोडिज ऐसे बनेंगे। फिर एन्जाईम उस प्रिंट को लेकर राइबोसोम फैक्ट्री में जाता है जो कोशिका के अंदर ही मौजूद होती है, वहां फैक्ट्री में मैसेनजर आरएनए को पढा जाता है और वहीं वायरस बाउंड एंटीबोडिज बनना शुरू हो जाता है। वायरस बांउड एंटीबोडिज फैक्ट्री को लीव कर देते हैं। इसके बाद वायरस बाउंड एंटीबोडिज गोल्जी एपोरेटर्स में जाते हैं। फिर फाईनल होने के बाद वायरस बाउंड वायरस से लडने के तैयार होकर वायरस से लडने के लिए चले जाते हैं।

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माइटोकॉन्ड्रिया भाग का भी अहम रोल होता है
शरीर की कोशिका के अंदर माइटोकॉन्ड्रिया भाग का अहम रोल होता है। यह बिजली की तारों जैसा काम करता हैं। इसका कार्य सप्लाई करना होता है। यह एन्जाईम को आने-जाने रास्ते बताने का काम करता है।


इस तरह होता है वायरस का खात्मा
आपके फेफडे में मौजूद वायरस का खात्मा करने के लिए वायरस बांउड एंटीबोडिज तैयार हो जाता है और वायरस का खात्मा करके ही वापिस लौटता है।


ध्यान देने योग्य बात
यह वायरस बाउंड एंटीबोडिज सिर्फ उन लोगों में होता है जिनका इम्यूनिटी सिस्टम काफी बेहतर होता है और वे कभी कभार ही अस्पताल का मुंह देखते हों। यह उन लोगों पर काम नहीं करता जिनका इम्यूनिटी सिस्टम बेहद कमजोर हो और अस्पताल के चक्कर काटता हो। आप अपना इम्यूनिटी सिस्टम ठीक रखेंगे तो आपको अस्पताल जाने की जरूरत ही नहीं पडेगी।


कैसे बढाएं अपना इम्युनिटी सिस्टम
आप सुबह-सुबह सूर्य के सामने योगा करके या मंत्रों का जाप करके भी अपनी हेल्थ को सुधार सकते हैं। साथ ही हरी सब्जियां, फलफ्रुट इत्यादि अच्छे तरीके से लेकर अपना इम्युनिटी सिस्टम काफी बेहतर बना सकते हैं। इम्युनिटी सिस्टम बढाने के लिए कुछ टिप्स

रोग प्रतिरोधक क्षमता

पानी
पानी भी एक प्राकृतिक औषधि ही है। यह हमारे शरीर में मौजूद कई विषैले तत्वों को बाहर निकालने का काम करता है। आप दिन में कम से कम 7 लीटर पानी अवश्य पिजिए। फ्रिज के पानी को पीने से आप बचें। आप गुनगुना पानी पिएं तो बेहतर रहेंगे।

फल
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढाने के लिए आप रसदार फलों का सेवन करें। उनका जूस पिएं। आप जूस पीने से कतई परहेज ना करें यह आपके लिए काफी नुकसानदायक होता है।

चने का सेवन करें
रात को काले चने भिगोकर रख दें और सुबह खाएं। आप कुछ ही दिन में देखोगे कि आपके शरीर के अंदर ताकत आ रही है।

सलाद का सेवन करें
भोजन के साथ सलाद जरूर खाएं। भोजन को पचाने में सलाद अलग से काम करती है। आप मूली, गाजर, टमाटर, खीरा सहित अनेक ऐसी सब्जियां हैं जिन्हें आप सलाद के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं।

योग करें
आप योग व प्राणायाम जरूर करें। सुबह पार्क में जाकर योग जरूर करें। योग की अनेक क्रियाएं करें जिससे आपका इम्युनिटी सिस्टम काफी बेहतर होगा।

रोग प्रतिरोधक क्षमता

तुलसी खाएं
तुलसी एक एंटीबायोटिक मानी गई है। प्रति रोग प्रतिरोधक क्षमता बढाने के लिए आप दिन में करीब 4 पत्तों का सेवन जरूर करें।

 

यह आर्टिकल FactTechz यू-टयूब चेनल से लिया गया है। यह कैसे काम करता है तो आप इसे देख सकते हैं।

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